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जीवन में मैंने महसूस किया है कि कभी-कभी हम अपना सबकुछ देने के बाद भी किसी के लिए कुछ भी नहीं रहते.. क्योंकि....... सामने वाला हमारी नहीं, बल्कि हमसे अपनी पूरी होने वाली ज़रूरतों को देखता है.......!!😥💯 #विजय पाल #📓 हिंदी साहित्य #🙏गीता ज्ञान🛕 #👉 लोगों के लिए सीख👈 #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख
विजय पाल - जीवन में मैंने महसूस किया है कि कभी ्कभी हम अपना सबकुछ देने के बाद भी किसी के लिए कुछ भी नहीं रहते. = क्योंकि.. सामने वाला हमारी नहीं, 3 बल्कि हमसे अपनी पूरी होने वाली ज़रूरतों को देखता है.......!! writer_mahendra जीवन में मैंने महसूस किया है कि कभी ्कभी हम अपना सबकुछ देने के बाद भी किसी के लिए कुछ भी नहीं रहते. = क्योंकि.. सामने वाला हमारी नहीं, 3 बल्कि हमसे अपनी पूरी होने वाली ज़रूरतों को देखता है.......!! writer_mahendra - ShareChat