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#श्रीमद भगवद गीता उपदेश 🙏🙏 #भगवद गीता सार #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇
श्रीमद भगवद गीता उपदेश 🙏🙏 - भगवान द्वारा अपने विश्व रूप का वर्णन ) श्रीभगवानुवाच पश्य मे पार्थ रूपाणि शतशोड्थ सहस्रशः | नानाविधानि दिव्यानि नानावर्णकृतीनि च।। श्री भगवान बोले- हे पार्थ! अब तू मेरे सैकडो हजारों नाना प्रकार के औरनाना वर्णतिथा नाना आकृतिवाले अलौकिकरूपोंकोदेख II5I| व्याख्याः इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कह रहे हैं कि हे पार्थ अर्जुन. तूम मेरेउन रूपोंको देखोजो कि शतों ओर सहस्त्रों की मेंह।ये रूप दिव्य हैं और विविध प्रकारकेरंगों और आकारों सख्य #al* यहाँ भगवान श्रीकृष्ण अर्जन को उनके विराट रूप के दर्शन कराने का संकेत दे रहे हैं। इस विराट रूप मेंवे अनगिनत रूपों आकारो और रंगों में प्रकट होते हैं जोन केवल अत्यंत दिव्य हैं बल्कि विविधता से भरपूर भी हैं। यह विराट रूप उनकी असीम शक्ति और अनंतता का प्रतीक है जोउनकी सम्पूर्णता और सर्वव्यापकता को दर्शता हैl अर्जुन को यह दिखाने के पीछे भगवान का उद्देश्य यह है कि वे यह समझ सकें किचे परम सत्य और ब्रह्मा के असीम रूपहैंजो हर और सभी तत्वों में समाहित हैं। इस दर्शन से अर्जन Ha कोईश्वर की विशालता और उनकी अद्वितीय शक्ति का अनुभव होता है जिससेचे ईश्वर की अनन्तता और सार्वभौमिकता को पूरी तरह स्े समझ पाते हैl भगवान द्वारा अपने विश्व रूप का वर्णन ) श्रीभगवानुवाच पश्य मे पार्थ रूपाणि शतशोड्थ सहस्रशः | नानाविधानि दिव्यानि नानावर्णकृतीनि च।। श्री भगवान बोले- हे पार्थ! अब तू मेरे सैकडो हजारों नाना प्रकार के औरनाना वर्णतिथा नाना आकृतिवाले अलौकिकरूपोंकोदेख II5I| व्याख्याः इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कह रहे हैं कि हे पार्थ अर्जुन. तूम मेरेउन रूपोंको देखोजो कि शतों ओर सहस्त्रों की मेंह।ये रूप दिव्य हैं और विविध प्रकारकेरंगों और आकारों सख्य #al* यहाँ भगवान श्रीकृष्ण अर्जन को उनके विराट रूप के दर्शन कराने का संकेत दे रहे हैं। इस विराट रूप मेंवे अनगिनत रूपों आकारो और रंगों में प्रकट होते हैं जोन केवल अत्यंत दिव्य हैं बल्कि विविधता से भरपूर भी हैं। यह विराट रूप उनकी असीम शक्ति और अनंतता का प्रतीक है जोउनकी सम्पूर्णता और सर्वव्यापकता को दर्शता हैl अर्जुन को यह दिखाने के पीछे भगवान का उद्देश्य यह है कि वे यह समझ सकें किचे परम सत्य और ब्रह्मा के असीम रूपहैंजो हर और सभी तत्वों में समाहित हैं। इस दर्शन से अर्जन Ha कोईश्वर की विशालता और उनकी अद्वितीय शक्ति का अनुभव होता है जिससेचे ईश्वर की अनन्तता और सार्वभौमिकता को पूरी तरह स्े समझ पाते हैl - ShareChat