ShareChat
click to see wallet page
search
#~ ☆ नई सोच, नई पहल, एक बदलाव ☆ ~ ॐ नमो नारायण ✨💛🙏
~ ☆ नई सोच, नई पहल, एक बदलाव ☆ ~ - हरि शरणं !! हे नाथ ! हे मेरे नाथ !! मैं आपको भूलूँ नहीं !! भगवान् के शरणागत को अपने मन के अनुकूल की इच्छा करनी ही नहीं चाहिये।" गोरखपुर  श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज, गीताप्रेस हरि शरणं !! हे नाथ ! हे मेरे नाथ !! मैं आपको भूलूँ नहीं !! भगवान् के शरणागत को अपने मन के अनुकूल की इच्छा करनी ही नहीं चाहिये।" गोरखपुर  श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज, गीताप्रेस - ShareChat