सद्भावना दिवस हर साल 20 अगस्त को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उनकी मृत्यु के एक साल बाद, 1992 में, कांग्रेस पार्टी ने इस दिन को सद्भावना दिवस के रूप में घोषित किया था।
यह दिन राजीव गांधी के दृष्टिकोण और आदर्शों को याद करने के लिए मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के सभी धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोगों के बीच राष्ट्रीय एकता, शांति और सद्भाव को बढ़ावा देना है।
सद्भावना दिवस का महत्व
सद्भावना दिवस हमें इन बातों की याद दिलाता है:
भाईचारा और एकता: यह दिन हमें आपसी मतभेदों को भुलाकर एक-दूसरे के प्रति अच्छी भावना रखने और भाईचारे को बढ़ावा देने की प्रेरणा देता है।
राष्ट्रीय एकता: भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में, सद्भावना दिवस सभी लोगों को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करता है।
शांति और अहिंसा: यह दिवस हिंसा को त्यागने और शांतिपूर्ण तरीके से समस्याओं का समाधान खोजने का संदेश देता है।
इस दिन, पूरे देश में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लोग सद्भावना की शपथ लेते हैं, पौधरोपण करते हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। इस अवसर पर राजीव गांधी के सम्मान में राजीव गांधी सद्भावना पुरस्कार भी दिया जाता है, जो शांति और सद्भाव के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को मिलता है। #सद्भावना दिवस #🗞️20 अगस्त के अपडेट 🔴 #🗞️🗞️Latest Hindi News🗞️🗞️ #🗞breaking news🗞 #aaj ki taaja khabar


