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sookun play list'7777♥️✨ - হল্সানিতী 3:15 .यदि आज तूम उसका H : 1 तो अपने मनों को कठोर न करो। " सुनो, |6 प्रभु यीशु में सलाम जैसे जैसे अंत का समय निकट आ रहा है लोगों में आत्मिकता ख़त्म होती जा रही है। ज़रूर हैं पर उसे नकारते लोग वचन की शिक्षाओं को স্তুনন हुए तिरस्कार कर देते हैं। कई बार दुःख और तक़लीफ जीवन में इतने हो जाते हैं कि हमारा मन परमेश्वर की ओर कठोर हो जाता है। हमें ये भी लगता है कि हम अपनी मर्ज़ी के मालिक हैं हमें परमेश्वर की आवश्यकता नहीं है। और सबसे बड़ी बात कि हमारे जीवन को पाप ने ऐसा जकड़ रखा है कि हम परमेश्वर की ओर देखना नहीं चाहते। नीतिवचन १९:२३ यहोवा का भय मानने से हम <6 सुखी हैं और हम पर विपत्ति नहीं qకగేTI इसलिए आइए परमेश्वर की ओर लौटकर आएं॰  अपने आप को नम्र करें और जीवन प्राप्त करें। प्रार्थना : पिता परमेश्वर, तू मुझसे प्रेम करता है और प्रतिदिन मेरे वापस आने की राह देखता है, तेरा धन्यवाद| मेरी प्रार्थना को दूर मुझे नम्र हृदय वाला है कि मेरे मन की कठोरता  कर व्यक्ति बना ताकि मुझे अनंत जीवन मिल सके। आमीन। | হল্সানিতী 3:15 .यदि आज तूम उसका H : 1 तो अपने मनों को कठोर न करो। " सुनो, |6 प्रभु यीशु में सलाम जैसे जैसे अंत का समय निकट आ रहा है लोगों में आत्मिकता ख़त्म होती जा रही है। ज़रूर हैं पर उसे नकारते लोग वचन की शिक्षाओं को স্তুনন हुए तिरस्कार कर देते हैं। कई बार दुःख और तक़लीफ जीवन में इतने हो जाते हैं कि हमारा मन परमेश्वर की ओर कठोर हो जाता है। हमें ये भी लगता है कि हम अपनी मर्ज़ी के मालिक हैं हमें परमेश्वर की आवश्यकता नहीं है। और सबसे बड़ी बात कि हमारे जीवन को पाप ने ऐसा जकड़ रखा है कि हम परमेश्वर की ओर देखना नहीं चाहते। नीतिवचन १९:२३ यहोवा का भय मानने से हम <6 सुखी हैं और हम पर विपत्ति नहीं qకగేTI इसलिए आइए परमेश्वर की ओर लौटकर आएं॰  अपने आप को नम्र करें और जीवन प्राप्त करें। प्रार्थना : पिता परमेश्वर, तू मुझसे प्रेम करता है और प्रतिदिन मेरे वापस आने की राह देखता है, तेरा धन्यवाद| मेरी प्रार्थना को दूर मुझे नम्र हृदय वाला है कि मेरे मन की कठोरता  कर व्यक्ति बना ताकि मुझे अनंत जीवन मिल सके। आमीन। | - ShareChat