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#हिन्दुस्तान न्यूज #बच्चों की फोटो #👩‍🌾खान सर मोटिवेशन💡 #❤️ Love You Maa ❤️ #🏠घर-परिवार
हिन्दुस्तान न्यूज - ٩ ٥ ٦ ٩٢ ٢ ١ बच्चों कोबीमार बना रहा मोबाइल सलाह इनबातों परध्यानदें GG मोबाइल की लत से के लिए टेली मोबाइल 7 चलाने का समय धीरे- gcoR गाजियाबाद, संवाददाता| बच्चों में धीरे कम करें । मानस सेवा १४४१६ पर २४ घंटे मोबाइल की लत को लेकर स्वास्थ्य सम्पर्क कर सकते हैं या फिर बच्चों का आउट डोर गेम के लिए विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। प्रोत्साहित करें | एनसीडी विंग में जिला मोबाइल 7 देखने से बच्चों का मानसिक माता- पिता भी रोल मॉडल की मानसिक इकाई में सोमवार, विकास प्रभावित हो रहा है। तरह मोबाइल कम चलाएं [ ఢ్ बुधवार, शुक्रवार  सुबह विभाग नेस्क्रीनटाइम घटाने केलिए बच्चों के समय को अन्य आठ बजे से दोपहर दो बजे तक अभिभावकों को सलाह दी है। साथ ही सामाजिक कार्यों से जोडे | सम्पर्क कर सकते हैं | भी जिक्र किया  है। ತla का माता- पिता खुद भी बच्चों के साथ आरके गुप्ता , नोडल अधिकारी , डा स्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चे मोबाइल " पर  समय बिताएं । में मानसिक विकार बढ़ रहे हैं । इसका मानसिक रोग प्रकोष्ठ अंदाजा इसी सेलगाया जा सकता हैकि Aat में ग्रामीण और शहरी मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. साकेत नाथ एमएमजी अस्पताल और एनसीडी विंग हालात दोनों क्षेत्रों के बच्चों में मोबाइल की लत के मनोरोग विभाग में मोबाइल न मिलने तिवारी ने बताया किस्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चों की आंखों में समस्या, मोटापा, देखने को मिल रही है। इसके गंभीर गुस्सा, चीजों और तनाव, परएन्जायटी सिरदर्द, लम्बेसमय तकएकही पोस्चर परिणाम हो सकते हैं। जरूरी है कि में रुचि  असंवेदनशील हो ना लेना, में बैठे रहने से गर्दन और पीठ में दर्द अभिभावक समय रहते बच्चों के , जाना, जिद्दी आक्रामक होना मोबाइल की आदत को छुड़ाने में समस्या और नींद औदिसमस्या लेकर एक सप्ताह में चार खान-पान में  होना, कम आने की बीमारी शुरू हो जाती है।  सौ से ज्यादा बच्चे पहुंच रहे हैं। गंभीरता दिखाएं। ٩ ٥ ٦ ٩٢ ٢ ١ बच्चों कोबीमार बना रहा मोबाइल सलाह इनबातों परध्यानदें GG मोबाइल की लत से के लिए टेली मोबाइल 7 चलाने का समय धीरे- gcoR गाजियाबाद, संवाददाता| बच्चों में धीरे कम करें । मानस सेवा १४४१६ पर २४ घंटे मोबाइल की लत को लेकर स्वास्थ्य सम्पर्क कर सकते हैं या फिर बच्चों का आउट डोर गेम के लिए विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। प्रोत्साहित करें | एनसीडी विंग में जिला मोबाइल 7 देखने से बच्चों का मानसिक माता- पिता भी रोल मॉडल की मानसिक इकाई में सोमवार, विकास प्रभावित हो रहा है। तरह मोबाइल कम चलाएं [ ఢ్ बुधवार, शुक्रवार  सुबह विभाग नेस्क्रीनटाइम घटाने केलिए बच्चों के समय को अन्य आठ बजे से दोपहर दो बजे तक अभिभावकों को सलाह दी है। साथ ही सामाजिक कार्यों से जोडे | सम्पर्क कर सकते हैं | भी जिक्र किया  है। ತla का माता- पिता खुद भी बच्चों के साथ आरके गुप्ता , नोडल अधिकारी , डा स्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चे मोबाइल " पर  समय बिताएं । में मानसिक विकार बढ़ रहे हैं । इसका मानसिक रोग प्रकोष्ठ अंदाजा इसी सेलगाया जा सकता हैकि Aat में ग्रामीण और शहरी मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. साकेत नाथ एमएमजी अस्पताल और एनसीडी विंग हालात दोनों क्षेत्रों के बच्चों में मोबाइल की लत के मनोरोग विभाग में मोबाइल न मिलने तिवारी ने बताया किस्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चों की आंखों में समस्या, मोटापा, देखने को मिल रही है। इसके गंभीर गुस्सा, चीजों और तनाव, परएन्जायटी सिरदर्द, लम्बेसमय तकएकही पोस्चर परिणाम हो सकते हैं। जरूरी है कि में रुचि  असंवेदनशील हो ना लेना, में बैठे रहने से गर्दन और पीठ में दर्द अभिभावक समय रहते बच्चों के , जाना, जिद्दी आक्रामक होना मोबाइल की आदत को छुड़ाने में समस्या और नींद औदिसमस्या लेकर एक सप्ताह में चार खान-पान में  होना, कम आने की बीमारी शुरू हो जाती है।  सौ से ज्यादा बच्चे पहुंच रहे हैं। गंभीरता दिखाएं। - ShareChat