ShareChat
click to see wallet page
search
#सद्गुरू #श्री सदगुरू विचार....🙏जय सद्गुरू🙏
सद्गुरू - तन मटकी मनदही, सुरत बिलोवनहार। माखन संतन चाखिया, छाछपिये संसार। | शरीर रूपी मटकेमें मन' रूपी दही हे॰ जिसे '्ध्यान' रुपी मथानी से संत' मथते हैं॰ जिससे ' परमात्मा' रूपी माखन निकलता है,जिसे वह अनुभव करते हैं बाकी संसारके लोगतो छाछको पीते हेंक्योंकि उन्हें माखन निकालना नहीं आता है। परमात्मा को अनुभव करने के लिए मनको 'थ्यान से मथना पड़ता है। तन मटकी मनदही, सुरत बिलोवनहार। माखन संतन चाखिया, छाछपिये संसार। | शरीर रूपी मटकेमें मन' रूपी दही हे॰ जिसे '्ध्यान' रुपी मथानी से संत' मथते हैं॰ जिससे ' परमात्मा' रूपी माखन निकलता है,जिसे वह अनुभव करते हैं बाकी संसारके लोगतो छाछको पीते हेंक्योंकि उन्हें माखन निकालना नहीं आता है। परमात्मा को अनुभव करने के लिए मनको 'थ्यान से मथना पड़ता है। - ShareChat