#लोकप्रिय । #💥🔥आज के चर्चित मुद्दे🔥💥 #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #💑मेरे जीवनसाथी💍 पिता थे
तब मायका था
माँ थी
हर जायका था
महावर की
कच्चे काँच की रंगदार शीशी थी
चुहलबाज़ खिलखिलाती मनिहारिन थी
अहाते में बाट जोहता नीम था
उसपर पटरा बँधी
आसमान से बतियाती झूल थी
सावन की सौंधियाती पुरवाई थी
दुनियाभर की खुशियाँ
उस कच्चे आँगन में समाई थी।
बिट्टो को विदा करते उदास
सकुचाए पिता की काँपती मुट्ठी में बँधे
कुछ सौ पचास के मुड़े नोट थे
नायलोन के बड़े झोले में
पापड़, जवे अचार भरे बोट थे...
एक घेवर मठरी भरा डिब्बा था
साथ चलने की जिद करते
छोटे भाई बहनों का अलग किस्सा था..
अब पिता नहीं बस तीज है
मन में गहरी टीस है।
मायके को याद कर अब आँखें भरी होती हैं
आती है तीज लेकिन हरी नहीं होती।
आशा पांडेय 🫵🏻✍🏻


