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#गुलज़ार शायरी
गुलज़ार शायरी - "प्लम्बर" * कितना भी एक्सपर्ट क्यों नहो ? | पर वो आँखों से टपकता : पानी बंद नहीं कर सकता उनके लियेतो * दोस्त"  ही चाहिय "प्लम्बर" * कितना भी एक्सपर्ट क्यों नहो ? | पर वो आँखों से टपकता : पानी बंद नहीं कर सकता उनके लियेतो * दोस्त"  ही चाहिय - ShareChat