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#पसंद हजरत अली ने फरमाया शब्द की दो सूरत,,, #Alhamdulillah #🕋🕋 𝑴𝑨𝑺𝑨𝑨𝑳𝑳𝑨𝑯 🕋🕋 #beshak
पसंद - qis हज़रत अली ने फरमाया सब्र सूरतें हैं की 2 K SLAMIC १ जो ना पसंद हो उसे बर्दाश्त करना, २ और जो पसंद हाे उसका इंतज़ार करना qis हज़रत अली ने फरमाया सब्र सूरतें हैं की 2 K SLAMIC १ जो ना पसंद हो उसे बर्दाश्त करना, २ और जो पसंद हाे उसका इंतज़ार करना - ShareChat