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#❤️अस्सलामु अलैकुम #💓 मोहब्बत दिल से
❤️अस्सलामु अलैकुम - VE 78% oll ४Gill 1:17AM Shajarah Attariyah Qadriya Razawiyya Rindi जिस किसी दिन सब वजाइफ रह फजीलत जाएं तो येह तन्हा उन सब की जगह काफी है नीज रात दिन के हर नुक़्सान की तलाफ़ी है। ِنطيَشلا َنِموْيِلِعْلاِعِنمَِسلاِ للاِبُذَْوُعَا >ajll तीन तीन बार, फिर सू-रतुल हृश्र ఆ.స్ की आखिरी तीन आयात या॰नी c४)ilalJD ता खत्मे सूरह पढ़िये । एक बार 70 तो शाम तक सत्तर फजीलत : सुब्ह़ पढ़े  हजार फ़िरिश्ते उस के लिये इस्तिग़्फ़ार करें और उस दिन मरे तो शहीद हो और शाम को पढ़े तो सुब्ह तक येही फ़जीलत है " वजी - फतुल करीमा, स. १६ २ : मैं सुनने वाले, जानने * अल वाले अल्लाह  की पनाह मांगता हूं मरदूद शैतान से। 3 ؛ ٥٦٦ ٩، 17, ٢٩٣ ١ ثيدح ٤٢٣ ص٤ ج یذمرت VE 78% oll ४Gill 1:17AM Shajarah Attariyah Qadriya Razawiyya Rindi जिस किसी दिन सब वजाइफ रह फजीलत जाएं तो येह तन्हा उन सब की जगह काफी है नीज रात दिन के हर नुक़्सान की तलाफ़ी है। ِنطيَشلا َنِموْيِلِعْلاِعِنمَِسلاِ للاِبُذَْوُعَا >ajll तीन तीन बार, फिर सू-रतुल हृश्र ఆ.స్ की आखिरी तीन आयात या॰नी c४)ilalJD ता खत्मे सूरह पढ़िये । एक बार 70 तो शाम तक सत्तर फजीलत : सुब्ह़ पढ़े  हजार फ़िरिश्ते उस के लिये इस्तिग़्फ़ार करें और उस दिन मरे तो शहीद हो और शाम को पढ़े तो सुब्ह तक येही फ़जीलत है " वजी - फतुल करीमा, स. १६ २ : मैं सुनने वाले, जानने * अल वाले अल्लाह  की पनाह मांगता हूं मरदूद शैतान से। 3 ؛ ٥٦٦ ٩، 17, ٢٩٣ ١ ثيدح ٤٢٣ ص٤ ج یذمرت - ShareChat