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#संवेदना #बुजुर्ग बाप #मां बाप की सेवा में ही इबादत भी है और सेवा भी #कभी मां बाप की सेवा की जय श्री राम 🙏🏻🚩 #मां बाप की सेवा माँ बीमार चल रही थी. चार पुत्र थे लेकिन इलाज के दौरान कोई देखने नहीं आया. सबने अपने अपने काम के बहाने बनाए. अंत में मां की मौत हो गई. चारों बेटे जब गांव आए तो पिता ने अपने बेटों को माँ की तरफ बढ़ने से रोका, पार्थिव शरीर को छूने तक नहीं दिया और भगा दिया ! कहा जब तुमलोग बीमार मां को देखने जिंदा में नहीं आए तो अब आकर क्या करोगे? झूठी आंसू बहाकर क्या करोगे? क्या तुम्हारे लिए मां से बढ़कर काम था. तुम लोगों की व्यस्तता थी. जाओ यहां से- यहां तुम्हारा कोई नहीं है. ऐसे पिता को मैं सैल्यूट करता हूं. आपने बिल्कुल सही किया है. आज कल के कुछ बच्चों के दिमाग में अकेलापन का कीड़ा समा गया है. वो खुलकर जीने की चाहत में इतने अंधे हो गए हैं कि उनके लिए अब कोई रिश्ते मायने नहीं रखते हैं. घर परिवार- मां बाप को छोड़कर आप बीबी के साथ बेसक रहिए, जीवनयापन के लिए कमाना जरुरी है इसलिए शहर में जरूर बसिए, दोनों प्राणी कमाई, खुश रहिए, खूब तरक्की कीजिए, लेकिन इंसानियत को मत भूलिए, मां बाप के कर्ज़ को मत भूलिए. नहीं तो ये अकेलापन कि भूख आपको एक दिन कहीं का नहीं छोड़ेगी. इस संसार में परिवार से बड़ा कोई नहीं हो सकता है.... मां के अलावे दुनिया की कोई पत्नी या व्यक्ति अपने बच्चों के दुख दर्द को...न समझ सकती है और नहीं कम कर सकता है.
संवेदना - ShareChat
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