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#kal#kalsarp #कुलिक कालसर्प योग के जातक के ऊपर प्रभाव और उपाय #तक्षक कालसर्प योग और उपाय
kalsarp dosh - क्या आप जानते हैं ? कुंडली में कालसर्प दोष एक ऐसा दुर्योग है जिसका नाम सुनते ही अधिकांश जनमानस में भय व चिंता व्याप्त हो जाती है। जब किसी व्यक्ति की में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच में आ जाते हैं तो ज्योतिष शास्त्र में इस कुंडली ' योग को काल सर्प दोष का नाम दिया जाता है। राहु को शास्त्रों में काल कहा गया है और केतु को सर्प की संज्ञा दी गई है, इसलिए किंचिंत इसका नाम पडा है। कालसर्प ' वराहमिहिर ने अपनी संहिता जातक नभ संयोग में इसका ' सर्पयोग नाम से उल्लेख किया है। कर्तरी दोष वर्मा ने सारावली में सर्पयोग नाम से इसकी व्याख्या की है। इन स्वीकृति स्वयं द्वादश ज्योतिर्लिंग त्र्यंम्बकेश्वर के विद्वानों ने सबसे अधिक प्रामाणिक प्रदान की है, जहां इस दोष की शांति का विधान प्रचलित है। दोष से कालसर्प ' मुक्ति के लिए सोमवार के दिन शिव मंदिर में सवा लाख बार ३४ नमः शिवाय मंत्र का जाप और रूद्राभिषेक कराने का विशेष महत्व होता है। क्या आप जानते हैं ? कुंडली में कालसर्प दोष एक ऐसा दुर्योग है जिसका नाम सुनते ही अधिकांश जनमानस में भय व चिंता व्याप्त हो जाती है। जब किसी व्यक्ति की में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच में आ जाते हैं तो ज्योतिष शास्त्र में इस कुंडली ' योग को काल सर्प दोष का नाम दिया जाता है। राहु को शास्त्रों में काल कहा गया है और केतु को सर्प की संज्ञा दी गई है, इसलिए किंचिंत इसका नाम पडा है। कालसर्प ' वराहमिहिर ने अपनी संहिता जातक नभ संयोग में इसका ' सर्पयोग नाम से उल्लेख किया है। कर्तरी दोष वर्मा ने सारावली में सर्पयोग नाम से इसकी व्याख्या की है। इन स्वीकृति स्वयं द्वादश ज्योतिर्लिंग त्र्यंम्बकेश्वर के विद्वानों ने सबसे अधिक प्रामाणिक प्रदान की है, जहां इस दोष की शांति का विधान प्रचलित है। दोष से कालसर्प ' मुक्ति के लिए सोमवार के दिन शिव मंदिर में सवा लाख बार ३४ नमः शिवाय मंत्र का जाप और रूद्राभिषेक कराने का विशेष महत्व होता है। - ShareChat