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#🖋ग़ालिब की शायरी #❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 #📖 कविता और कोट्स✒️ #📓 हिंदी साहित्य #✍️ साहित्य एवं शायरी
🖋ग़ालिब की शायरी - वक्त के साथ चलते-चलते कुछ बातें बड़ी सा़फ़ नज़र आने लगती हैं... हर बहस जीतना ज़रूरी नहीं, हर रिश्ते को निभाना ज़रूरी नहीं, हर किसी को खुश रखना मुमकिन नहीं.. बस एक बात समझ आ जाती है. "जियो और जीने दो" जो साथ चलना चाहें, उनका हाथ थाम लो, जो दूर  जाना चाहें, उन्हें दुआओं के साथ जाने दो...!! / @komallg वक्त के साथ चलते-चलते कुछ बातें बड़ी सा़फ़ नज़र आने लगती हैं... हर बहस जीतना ज़रूरी नहीं, हर रिश्ते को निभाना ज़रूरी नहीं, हर किसी को खुश रखना मुमकिन नहीं.. बस एक बात समझ आ जाती है. "जियो और जीने दो" जो साथ चलना चाहें, उनका हाथ थाम लो, जो दूर  जाना चाहें, उन्हें दुआओं के साथ जाने दो...!! / @komallg - ShareChat