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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #🙏राम राम जी #🌜 शुभ संध्या🙏
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - n n cooevening @ समेटूँ 6T- 461 तुझे ऐ ज़िंदगी , जिधर भी देखु तू बस बिखरी पड़ी है। n n cooevening @ समेटूँ 6T- 461 तुझे ऐ ज़िंदगी , जिधर भी देखु तू बस बिखरी पड़ी है। - ShareChat