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Sad🥹💔😔 #✍शायरी
✍शायरी - [ जख़्म इतना गहरा हैं इज़हार क्या करें। हम ख़ूद निशां बन गये ओरो का क्या रही आँखे करें। मर गए हम मगर खुली : हमरी। क्योंकि हमारी आँखों को उनका sdRa [ जख़्म इतना गहरा हैं इज़हार क्या करें। हम ख़ूद निशां बन गये ओरो का क्या रही आँखे करें। मर गए हम मगर खुली : हमरी। क्योंकि हमारी आँखों को उनका sdRa - ShareChat