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संत गरीबदास जी ने कहा है कि:- तमा + खू = तमाखू। खू नाम खून का तमा नाम गाय। सौ बार सौगंध इसे न पीयें-खाय।। भावार्थ:- भावार्थ है कि फारसी भाषा में ‘‘तमा’’ गाय को कहते हैं। खू = खून यानि रक्त को कहते हैं। यह तमाखू गाय के रक्त से उपजा है। इसके ऊपर गाय के बाल जैसे रूंग (रोम) जैसे होते हैं। हे मानव! तेरे को सौ बार सौगंद है कि इस तमाखू का सेवन किसी रूप में भी मत कर। तमाखू का सेवन गाय का खून पीने के समान पाप लगता है। #ঈশ্বর আস্তা #🙂ভক্তি😊 #🔴আজকের ভক্তি ভিডিও স্ট্যাটাস😀 #😇অনুপ্রেরণা মূলক জীবনী শিক্ষা #🙂ভক্তির সকাল😇
ঈশ্বর আস্তা - नशा नाश का कारण है नशा मुक्त समाज सिर्फ सतलोक आश्रम में ही संभव है। Mahendra Dus Hamirpur [HP] 10:31 संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लेने के बाद सब के नशे छूट जाते हैं। तरह SA अधिक जानकारी YouTube के लिए देखें Channel Story True सत्य पटनाओं पर आधारित नशा नाश का कारण है नशा मुक्त समाज सिर्फ सतलोक आश्रम में ही संभव है। Mahendra Dus Hamirpur [HP] 10:31 संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लेने के बाद सब के नशे छूट जाते हैं। तरह SA अधिक जानकारी YouTube के लिए देखें Channel Story True सत्य पटनाओं पर आधारित - ShareChat