'नृपस्य चित्तं, कृपणस्य वित्तम;
त्रिया चरित्रं, पुरुषस्य भाग्यम;
देवो न जानाति कुतो मनुष्यः'🌷
🌿अर्थात🌿
राजा का मन, कंजूस का धन, दुष्टों की इच्छा, स्त्री का चरित्र, और पुरुष का भाग्य देवता भी नहीं जान पाते, तो मनुष्य कैसे जान सकता है. 🌼
#मेरी_पसंद_VD 🎶🎵

