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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - रहे कि महत्वाकांक्षा अशांति সংতা मूल है। जिसे शांति चाहनी है, করা उसे महत्वकांक्षा छोड़ देनी पडती है। शांति का प्रारंभ वहाँ से है, जहाँ कि महत्वाकांक्षा का अंत होता है। रहे कि महत्वाकांक्षा अशांति সংতা मूल है। जिसे शांति चाहनी है, করা उसे महत्वकांक्षा छोड़ देनी पडती है। शांति का प्रारंभ वहाँ से है, जहाँ कि महत्वाकांक्षा का अंत होता है। - ShareChat