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Mashaallha besaq #📗حدیث کی باتیں📜 #👨🏻‍🏫لوگوں کے لئے سیکھ🧑‍🤝‍🧑
📗حدیث کی باتیں📜 - अज़ान कब-्कब दे सकते हैं) अज़ान जब नमाज़ का वक़्त शुरू हो चुका हो। ( बच्चे की पैदाइश के वक़्त बच्चे के कान में। 2 कोई ग़मग़ीन (परेशान) हो, उसके कान में। 3 जब कोई प्यासा इंसान और जानवर के कान में। 4 लड़ाई या जंग के वक़्त अज़ान दें। 5 कोई वबा (बीमारी) फैल जाए तब। जब ज़्यादा तेज़ बारिश हो और न रूके तब। जब भयंकर आग लग जाए तो आग के क़रीब 8 खड़े होकर अज़ान दें। मय्यत को दफ़्न करने के बाद। 9 किंसी पर जिन सवार हो जाए। 10 जब जंगल में कहीं रास्ता भटक जाएंॅ तब अज़ान दें। 11 रोज़ाना इस्लामिक और इल्म दीनी तालीम के लिए हमें फ़ॉलो करें । अज़ान कब-्कब दे सकते हैं) अज़ान जब नमाज़ का वक़्त शुरू हो चुका हो। ( बच्चे की पैदाइश के वक़्त बच्चे के कान में। 2 कोई ग़मग़ीन (परेशान) हो, उसके कान में। 3 जब कोई प्यासा इंसान और जानवर के कान में। 4 लड़ाई या जंग के वक़्त अज़ान दें। 5 कोई वबा (बीमारी) फैल जाए तब। जब ज़्यादा तेज़ बारिश हो और न रूके तब। जब भयंकर आग लग जाए तो आग के क़रीब 8 खड़े होकर अज़ान दें। मय्यत को दफ़्न करने के बाद। 9 किंसी पर जिन सवार हो जाए। 10 जब जंगल में कहीं रास्ता भटक जाएंॅ तब अज़ान दें। 11 रोज़ाना इस्लामिक और इल्म दीनी तालीम के लिए हमें फ़ॉलो करें । - ShareChat