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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - क्या आने वाले समय में हम अपनो संतान को डिज़ाइन करेंगे? रंग, रूप , बालों का कलर , लंबाई , बुद्धिमत्ता.. चुनाव अब हमारे हाथ में? चिंताएँ क्या हैं? विज्ञान ं क्या कहता हैं? जीन एडिटिंग (CRISPR), सामाजिक भेदभाव जीनोगिकस और और असमानता बढ़ेगी बायोटेक्नोलॉंजी में तेजी 4eie eze 8 अमीर और गरीब के बीच স্রিম্স ম সানুবাথিক नया जैबिक अंतर पैदा होगा | बीमारियों को रोकना प्रकृति के साथ खिलवाड़ संभब हो सकता है। और नैतिक सवाल। विशेषताएँ  चुनने या ச [সাকৃনিক কম  बदलने की तकनीकें क्या इंसान विकसित हो रही हैं। और কৃল্পিম  ज्यादा हा जाएगा ? संभावना है विज्ञान वरदान भी है. आज नहीं. কল! सीमाएं ट्ूटें तो अभिशाप भी! अभी हम कहाँ हैं? बीमारियों को पहचान ব্রমন ক্রী নকনীক जीन एाइटिंग पर नैतिक और सामाजिक কালুনী, विकासशील चरण में शोध जारी है और रोकथाम संभव নরমম সাহী & आइए, कुछ सवालों पर साथ मिलकर सोचें..  आपको लगता है कि अगर विज्ञान बीमारियों अगर आपको मौका मिले क्या इंससे समाज में क्या इंसान प्रकृति से क्या भविष्य में " डिज़ाइंनर बेबी " रोक सकता है तो क्या तो क्या आप अपनी होने नया भेदभाव आगे निकलने की বরনানা মহী হ্ীগা? सुंदरता और बुद्धिमत्ता पैदा होगा? कोशिश कर रहा है? वाली संतान में कोई बदलाव चुनना भी उचित है? चुनना चाहेंगे ? क्यों ? याद रखें! अपने विचार ज़रूर साझा करें हैं या नहीं. सकते सवाल यह नहीं कि हम कर क्योंकि यह केवल विज्ञान की नहीं , सवाल यह है कि क्या हमें करना चाहिए?" यह मानवता और आने वाली पीहियों कीभी बहस हे। क्या आने वाले समय में हम अपनो संतान को डिज़ाइन करेंगे? रंग, रूप , बालों का कलर , लंबाई , बुद्धिमत्ता.. चुनाव अब हमारे हाथ में? चिंताएँ क्या हैं? विज्ञान ं क्या कहता हैं? जीन एडिटिंग (CRISPR), सामाजिक भेदभाव जीनोगिकस और और असमानता बढ़ेगी बायोटेक्नोलॉंजी में तेजी 4eie eze 8 अमीर और गरीब के बीच স্রিম্স ম সানুবাথিক नया जैबिक अंतर पैदा होगा | बीमारियों को रोकना प्रकृति के साथ खिलवाड़ संभब हो सकता है। और नैतिक सवाल। विशेषताएँ  चुनने या ச [সাকৃনিক কম  बदलने की तकनीकें क्या इंसान विकसित हो रही हैं। और কৃল্পিম  ज्यादा हा जाएगा ? संभावना है विज्ञान वरदान भी है. आज नहीं. কল! सीमाएं ट्ूटें तो अभिशाप भी! अभी हम कहाँ हैं? बीमारियों को पहचान ব্রমন ক্রী নকনীক जीन एाइटिंग पर नैतिक और सामाजिक কালুনী, विकासशील चरण में शोध जारी है और रोकथाम संभव নরমম সাহী & आइए, कुछ सवालों पर साथ मिलकर सोचें..  आपको लगता है कि अगर विज्ञान बीमारियों अगर आपको मौका मिले क्या इंससे समाज में क्या इंसान प्रकृति से क्या भविष्य में " डिज़ाइंनर बेबी " रोक सकता है तो क्या तो क्या आप अपनी होने नया भेदभाव आगे निकलने की বরনানা মহী হ্ীগা? सुंदरता और बुद्धिमत्ता पैदा होगा? कोशिश कर रहा है? वाली संतान में कोई बदलाव चुनना भी उचित है? चुनना चाहेंगे ? क्यों ? याद रखें! अपने विचार ज़रूर साझा करें हैं या नहीं. सकते सवाल यह नहीं कि हम कर क्योंकि यह केवल विज्ञान की नहीं , सवाल यह है कि क्या हमें करना चाहिए?" यह मानवता और आने वाली पीहियों कीभी बहस हे। - ShareChat