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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - हरि शरणं 6  कृतजुग त्रेताँ द्वापर पूजा मख अरु जोग जो गति होइ सो कलि हरि नाम ते पावहिं लोग सत्ययुग, त्रेता और द्वापर में जो गति पूजा, यज्ञ और योग से प्राप्त कलियुग में लोग केवल भगवान के नाम से पा होती है, वही गति कलियुग जाते हैं अर्थात में सिर्फ और सिर्फ भगवान का नाम ही कल्याण का एकमात्र साधन है मानस, उत्तरकांड १०२ख हरि शरणं 6  कृतजुग त्रेताँ द्वापर पूजा मख अरु जोग जो गति होइ सो कलि हरि नाम ते पावहिं लोग सत्ययुग, त्रेता और द्वापर में जो गति पूजा, यज्ञ और योग से प्राप्त कलियुग में लोग केवल भगवान के नाम से पा होती है, वही गति कलियुग जाते हैं अर्थात में सिर्फ और सिर्फ भगवान का नाम ही कल्याण का एकमात्र साधन है मानस, उत्तरकांड १०२ख - ShareChat