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जय सर्वजन समाज जय हिन्द जय भारत वंदेमातरम। #मां छिन्नमस्ता जयंती
मां छिन्नमस्ता जयंती - देवी छिन्नमस्ता प्राकट्योत्सव माँ छिन्नमस्ता प्राकट्योत्सव का अवसर वैशाख महीने में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। दस महाविद्याओं में छिन्नमस्तिका माता छठी महाविद्या कहलाती हैं देवी के इस रूप के विषय में कई पौराणिक धर्म ग्रंथों में उल्लेख मिलता है। मार्कंडेय पुराण व विशद वर्णन किया गया है। देवी की ৯ হস शिवपुराण में देवी रूप का सहायक योगिनिया अजया और विजया की रुधिर पिपासा को शांत करने के लिए मां ने अपना मस्तक काटकर अपने रक्त से उनकी प्यास बुझाई। ; इसी कारण माता को छिन्नमस्तिका नाम से भी पुकारा जाने लगा, देवी की साधना जिस भाव से की जाए वे उसी रूप में दर्शन देती हैं। देवी छिन्नमस्ता प्राकट्योत्सव माँ छिन्नमस्ता प्राकट्योत्सव का अवसर वैशाख महीने में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। दस महाविद्याओं में छिन्नमस्तिका माता छठी महाविद्या कहलाती हैं देवी के इस रूप के विषय में कई पौराणिक धर्म ग्रंथों में उल्लेख मिलता है। मार्कंडेय पुराण व विशद वर्णन किया गया है। देवी की ৯ হস शिवपुराण में देवी रूप का सहायक योगिनिया अजया और विजया की रुधिर पिपासा को शांत करने के लिए मां ने अपना मस्तक काटकर अपने रक्त से उनकी प्यास बुझाई। ; इसी कारण माता को छिन्नमस्तिका नाम से भी पुकारा जाने लगा, देवी की साधना जिस भाव से की जाए वे उसी रूप में दर्शन देती हैं। - ShareChat