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#✍मराठी साहित्य #🤩जीवनाबद्दल कोट्स 📝 #☺️प्रेरक विचार #🙂Positive Thought #✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍मराठी साहित्य - जीवनमुल्य... पौष्टिक आहारकीजरुरत... 00 प्रा॰ अँडः डॉ॰ सौं. शितल अशोक कंबानी आज हम हमारे बच्चों को पौष्टिक आहार खिलाना पंसद नहीं करते या तो बच्चा खाना पंसद नहीं करता या फिर उतना समय नहीं रहता या फिर हम खुद पौष्टिक आहार खाना भुल गये हैं या बच्चों को बचपन सें आदत लगाई ही नहीं पौष्टिक खाने की विदेशी खाने की आदत लगाई कभी कबार नया स्वाद के लिए ठीक हैं पर अब अनपौष्टिक ही खाद्य हर घर में ज्यादा खाया जाता हैं और पौष्टिक आहार कम हो रहा हैं हमारे माँ बापने हमें सेहतमंद बनाया पौष्टिक खाना खिला के इसी वजह सें हमे कोई भी परेशानी नहीं हुई बच्चे पैदा करने में पर अगली पीढी में पौष्टिक आहार ग्रहण नहीं करने के वजह सें शुक्राणु पे अंडाशय पे और उन्हके पैदाशी ही समस्या के साथ होगी असर क्यूँकी नाअंडाशय इतना कार्यक्षम रहेंगा ना शुक्राणु इतने कार्यक्षम रहेंगे तो बच्चे हौने में तकलीफ जाएँगी अभीच इस समस्याचे अपना भारत और कहीं देश इस समस्या सें जुज रहें हैं  गुणसुत्र में अब क्या मानवी बिगाड़ होने तक राह देखना हैं इस लिए आज सें ही पौष्टिक आहार की रोज की दिनचर्या बनाईएँ और अपने पीढी को खत्म होने सें बचाईएँ नहीं तो यह आपकी आखरी पीढी हो सकती हैं....!! থিনলত থ্াক্িকমা: 7057212027 जीवनमुल्य... पौष्टिक आहारकीजरुरत... 00 प्रा॰ अँडः डॉ॰ सौं. शितल अशोक कंबानी आज हम हमारे बच्चों को पौष्टिक आहार खिलाना पंसद नहीं करते या तो बच्चा खाना पंसद नहीं करता या फिर उतना समय नहीं रहता या फिर हम खुद पौष्टिक आहार खाना भुल गये हैं या बच्चों को बचपन सें आदत लगाई ही नहीं पौष्टिक खाने की विदेशी खाने की आदत लगाई कभी कबार नया स्वाद के लिए ठीक हैं पर अब अनपौष्टिक ही खाद्य हर घर में ज्यादा खाया जाता हैं और पौष्टिक आहार कम हो रहा हैं हमारे माँ बापने हमें सेहतमंद बनाया पौष्टिक खाना खिला के इसी वजह सें हमे कोई भी परेशानी नहीं हुई बच्चे पैदा करने में पर अगली पीढी में पौष्टिक आहार ग्रहण नहीं करने के वजह सें शुक्राणु पे अंडाशय पे और उन्हके पैदाशी ही समस्या के साथ होगी असर क्यूँकी नाअंडाशय इतना कार्यक्षम रहेंगा ना शुक्राणु इतने कार्यक्षम रहेंगे तो बच्चे हौने में तकलीफ जाएँगी अभीच इस समस्याचे अपना भारत और कहीं देश इस समस्या सें जुज रहें हैं  गुणसुत्र में अब क्या मानवी बिगाड़ होने तक राह देखना हैं इस लिए आज सें ही पौष्टिक आहार की रोज की दिनचर्या बनाईएँ और अपने पीढी को खत्म होने सें बचाईएँ नहीं तो यह आपकी आखरी पीढी हो सकती हैं....!! থিনলত থ্াক্িকমা: 7057212027 - ShareChat