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#Suvichar #great #सुविचार #सत्य वचन
Suvichar - जो किसी भी क्षण पसंदीदा प्रिय अनु्कूलताव सतुदसदाधून्रि परिस्थिति, स्थान, माहौल का त्याग करने में दक्ष हा 74 किसी भी क्षण किसी "ಗಿಹಾ अप्रिय स्थिति को करने में दक्ष हो वह महात्मा आवागमन् मोह भोगवासना , संगति के असर से मुक्त असंग निर्लिप्त अनॉसक्त द्वन्द से रहित् अवस्था में रमण करता है। सागर सिमरोल जो किसी भी क्षण पसंदीदा प्रिय अनु्कूलताव सतुदसदाधून्रि परिस्थिति, स्थान, माहौल का त्याग करने में दक्ष हा 74 किसी भी क्षण किसी "ಗಿಹಾ अप्रिय स्थिति को करने में दक्ष हो वह महात्मा आवागमन् मोह भोगवासना , संगति के असर से मुक्त असंग निर्लिप्त अनॉसक्त द्वन्द से रहित् अवस्था में रमण करता है। सागर सिमरोल - ShareChat