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#🙏सुविचार📿 #☝सच्ची बातें😊 #💚लाइफ कोट्स📜
🙏सुविचार📿 - मेरी कहानी " I कभी-कभी रात इतनी खामोश हो जाती है कि अपनी ही साँसों की आवाज़ भी भारी लगने लगती है. बिस्तर पर लेटे-लेटे बस छत को देखते रहते हैं, पर नींद जैसे रास्ता ही भूल जाती है... दिल में इतने सवाल होत़े हैं जिनका जवाब कोई नहीं देता, और आँखें बिना वजह भीगती रहत घर में सब पास होते हैं, फिर भी ऐसा लगता है जैसे कोई अपना बहुत दूर चला गया ೯. . फोन हाथ में होता है, पर किसी से बात करने का मन नहीं करता, क्योंकि दर्द शब्दों में आता ही नहीं. पूरी रात बस करवटें बदलते गुजर जाती है, गुमँकोन कहसर्कै और सुबह फिर वही  झूठी 7 ताकि कोई पूछे ೯ पडती "सब ठीक है" लेकिन सच तो ये होता है कि अंदर ही अंदर कोई हर रात थोड़ा-्थोड़़ा टूट जाता है... ! मेरी कहानी " I कभी-कभी रात इतनी खामोश हो जाती है कि अपनी ही साँसों की आवाज़ भी भारी लगने लगती है. बिस्तर पर लेटे-लेटे बस छत को देखते रहते हैं, पर नींद जैसे रास्ता ही भूल जाती है... दिल में इतने सवाल होत़े हैं जिनका जवाब कोई नहीं देता, और आँखें बिना वजह भीगती रहत घर में सब पास होते हैं, फिर भी ऐसा लगता है जैसे कोई अपना बहुत दूर चला गया ೯. . फोन हाथ में होता है, पर किसी से बात करने का मन नहीं करता, क्योंकि दर्द शब्दों में आता ही नहीं. पूरी रात बस करवटें बदलते गुजर जाती है, गुमँकोन कहसर्कै और सुबह फिर वही  झूठी 7 ताकि कोई पूछे ೯ पडती "सब ठीक है" लेकिन सच तो ये होता है कि अंदर ही अंदर कोई हर रात थोड़ा-्थोड़़ा टूट जाता है... ! - ShareChat