ShareChat
click to see wallet page
search
#सतगुरू देव जी के उपदेश #क्या_इस_कलयुग_में_भक्ति कर पाना संभव हैं, जबकि मनुष्य की औसत आयु जब 70 वर्ष ही रह गया हैं और जब मनुष्य की आयु सतयुग में लाखों वर्ष का था तब उन्होंने वैसी भक्ति साधना नहीं किया जिससे वह भवसागर से पार हो सके,पार नहीं हुए तभी तो हमारा इस कलयुग में जन्म हुआ हैं। सतगुरू देव जी बताते हैं कि गरीब,शंख कल्प का जीवना,तत् न दरश्या रिंच * आन उपासा करते हैं, ज्ञान ध्यान प्रपंच * कबीर,सूमिरन तो थोड़ा ही भला,जो सत् सूमिरन होय * लाख वर्ष का जीवना,लेखे धरे न कोय ** ✓✓✓ देव दूर्लभ अपने अनमोल मानव जीवन को सफल और सुखमय बनाने के लिए सपरिवार देखिए श्रद्धा टीवी चैनल दोपहर दो बजे से तीन बजे तक।
सतगुरू देव जी के उपदेश - गरीब , संख कल्प जुग जीवना , तत्त न दरस्या रिच| आन उपासा करते है, ज्ञान ध्यान परपंच।। यदि कोई संख कल्प तक जीवित रहे। ज्ञान जरा-सा भी नही है। तत्त्वज्ञान हीन है। सत्य भक्ति से वंचित है तो वह लंबा जीवन भी व्यर्थ है।(एक कल्प में एक हजार आठ चतुर्युग होते है यानि ब्रह्मा का एक दिन ) -जगतगुरू तत्वदशी संत रामपाल महाराज SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL J X @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG  SAINT RAMPAL JI MAHARAJ गरीब , संख कल्प जुग जीवना , तत्त न दरस्या रिच| आन उपासा करते है, ज्ञान ध्यान परपंच।। यदि कोई संख कल्प तक जीवित रहे। ज्ञान जरा-सा भी नही है। तत्त्वज्ञान हीन है। सत्य भक्ति से वंचित है तो वह लंबा जीवन भी व्यर्थ है।(एक कल्प में एक हजार आठ चतुर्युग होते है यानि ब्रह्मा का एक दिन ) -जगतगुरू तत्वदशी संत रामपाल महाराज SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL J X @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG  SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat