ShareChat
click to see wallet page
search
#🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #हमारा दीन इस्लाम है (ہمارا دین اسلام ہے) #islamic #🌙इस्लाम धर्म🕌 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 - ಕ್ಕಿ THE ಶ कुरआन की आयत हज्ज के बारे में Qur'an_The_Furqan اًلِیِبُس ِهَّيّْلِإ َعاَطَتسا ِنَم Ge .೨ ِتْیَبْلُا ِساّنلا @ और अल्लाह के लिए लोगों पर इस घर (काबा) का हज्ज़ करना फ़र्ज़ है, जो वहाँ तक पहुँचने की ताकत रखता हो। सूरह आले इमरान 97 हज्ज के अहम मनिसक --- 3 2 সীনা স কলমাস अरफ़ात का मैदान ২ৌ (হানান কী ক চরথী সাং না) मुज़दल्फ़ा  ९ ज़िलहज्ज को जुहर से 8 ज़िलहज्ज की रात ओर १० ज़िलहज्ज को जुमरा ९ ज़िलहज्ज की रात मुजदल्फ़ा में गुज़ारना और  ११, १२, १३ ज़िलहज्ज की সহাহিন নক সংক্ষাোন স अक़्चा में और बाकी दिन्गें में रातें मीना में गुज़ारना।  तीनों जुमरात में कंकर्रा मारना।  ठहरना हज्ज का रक़न है। यहॉँ से कंकढ़ियां जमा करना।  264 5 8 தி#5 (हदी) কময (নাল কমবানা) काबे का तवाफ़ ক্তুননী  सफ़ा मरवा १० ज़िलहज्ज को कुर्बानी  ওসহা ম যা চডস ৮ মাহ रमी के बाद सरके बाल तवाफ़े फ़िज़ा (अगर उमरा किया करना हर उस हाज़ी के लिए और तवाफ़े विलादा (हज्ज सफ़ा और मरवा कटवाना या गुंड़वाना  के बाद ) करना वाजीब हे। वाजीब हे जो कुर्बानी कर सके। हज्ज का रक़न हे। सात चकर लगाना। ಕ್ಕಿ THE ಶ कुरआन की आयत हज्ज के बारे में Qur'an_The_Furqan اًلِیِبُس ِهَّيّْلِإ َعاَطَتسا ِنَم Ge .೨ ِتْیَبْلُا ِساّنلا @ और अल्लाह के लिए लोगों पर इस घर (काबा) का हज्ज़ करना फ़र्ज़ है, जो वहाँ तक पहुँचने की ताकत रखता हो। सूरह आले इमरान 97 हज्ज के अहम मनिसक --- 3 2 সীনা স কলমাস अरफ़ात का मैदान ২ৌ (হানান কী ক চরথী সাং না) मुज़दल्फ़ा  ९ ज़िलहज्ज को जुहर से 8 ज़िलहज्ज की रात ओर १० ज़िलहज्ज को जुमरा ९ ज़िलहज्ज की रात मुजदल्फ़ा में गुज़ारना और  ११, १२, १३ ज़िलहज्ज की সহাহিন নক সংক্ষাোন স अक़्चा में और बाकी दिन्गें में रातें मीना में गुज़ारना।  तीनों जुमरात में कंकर्रा मारना।  ठहरना हज्ज का रक़न है। यहॉँ से कंकढ़ियां जमा करना।  264 5 8 தி#5 (हदी) কময (নাল কমবানা) काबे का तवाफ़ ক্তুননী  सफ़ा मरवा १० ज़िलहज्ज को कुर्बानी  ওসহা ম যা চডস ৮ মাহ रमी के बाद सरके बाल तवाफ़े फ़िज़ा (अगर उमरा किया करना हर उस हाज़ी के लिए और तवाफ़े विलादा (हज्ज सफ़ा और मरवा कटवाना या गुंड़वाना  के बाद ) करना वाजीब हे। वाजीब हे जो कुर्बानी कर सके। हज्ज का रक़न हे। सात चकर लगाना। - ShareChat