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followforfollow - बहन की फजीलत हज़रत अली (रजी. ) फरमाते हैं तुम जब अपनी बहन के घर जाओ तो अपनी ओकात के हिसाब से कुछ ले जाओ क्योकि बहन का तुम पर हक उसे वालिदेन की तुम्हारी विरासत से मिला हे ओर इंतहाई बदनसीव हे वह शख्स जिसकी बहन नाराज़ हो ओर उसकी या उसकी बहन की मोत नाराज़गी की हालत में हो जाए।! रब का शुकक़्र अदा करो कि रबने तुरम्हे यह पाकीजा रिशता अता किया हे और 3 का सहारा अता किया हे! ! எி दुर्खो Tontyje Tideeb Happy Rakhshabandhan बहन की फजीलत हज़रत अली (रजी. ) फरमाते हैं तुम जब अपनी बहन के घर जाओ तो अपनी ओकात के हिसाब से कुछ ले जाओ क्योकि बहन का तुम पर हक उसे वालिदेन की तुम्हारी विरासत से मिला हे ओर इंतहाई बदनसीव हे वह शख्स जिसकी बहन नाराज़ हो ओर उसकी या उसकी बहन की मोत नाराज़गी की हालत में हो जाए।! रब का शुकक़्र अदा करो कि रबने तुरम्हे यह पाकीजा रिशता अता किया हे और 3 का सहारा अता किया हे! ! எி दुर्खो Tontyje Tideeb Happy Rakhshabandhan - ShareChat