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ताजा खबरें - महंगाई का लगेगा झटका १५ मई से पहले बढ़ सकते हैं पेट्रोल-्डीजल के दाम चेतन भूटानी, आजतक वेस्ट एशिया मे बरकरार तनाव का असर अभी भी ஈ पर पड़ रहा ह दुनिया इसी बीच सामने आया है कि पेट्रोल  डीजल की कीमतों  गें एक बार फिर बढ़ोतरी  हो सकती है॰ये बढ़ोतरी १५ होर्मुज संकट से कच्चे मई से पहले होने की आशका हे तेल बाजार को झटका सूत्रों के मुताबिक वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के चलते कच्चे में होर्मुज के आसपास असल तेल की कीमतों में भारी उछाल  पैदा हुए संकट ने वैश्विक कच्चे  आया है जिससे तेल कंपनियों तेल बाजार को झटका दिया पर बड़ा इकॉनमिक प्रेशर बन है॰ अंतरराष्द्रीय बाजार में  के अनुसार ऑयल  যমা E মুনী  कच्चे तेल की कीमत करीब मार्केटिंग कंपनियों को हर महीने ७० डॉलर प्रति बेरल से बढ़कर  करीब ३० हजार करोड़ रूपये की १२६ डॉलर प्रति बेरल तक अंडर  रिकवरी का सामना करना পভবন ক বানলুন aামন নী पड़ रहा है अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों  कच्चे तेल की कीमत ७० डॉलर में अब तक कोई बड़ी बढ़ोतरी  प्रति बेरल से बढ़कर १२६ डॉलर नहीं हुई है॰ 0 प्रति बैरल तक पहुंच गई है. इसके  आम लोगों पर महंगाई का असर बावजूद भारत में अब तक पेट्रोल  कम पडे़. हालांकि लगाताट बढ़ते  ओर डीजल की कीगतों को स्थिर रखा गया है. बताया जा रहा है दबाव के बीच अब पेट्रोल आर डीजल के दाम बढ़ाने पर विचार कि सरकार ओर तेल कंपनियां किया जा रहा हे मिलकर पेट्रोल पर करीब cal का कहना ह कि १५ मई से पहले कीमतों गें २४ रुपये प्रति लीटर तक का अतिरिक्त बोझ उठा रही हें ताकि  संशोधन किया जा सकता है महंगाई का लगेगा झटका १५ मई से पहले बढ़ सकते हैं पेट्रोल-्डीजल के दाम चेतन भूटानी, आजतक वेस्ट एशिया मे बरकरार तनाव का असर अभी भी ஈ पर पड़ रहा ह दुनिया इसी बीच सामने आया है कि पेट्रोल  डीजल की कीमतों  गें एक बार फिर बढ़ोतरी  हो सकती है॰ये बढ़ोतरी १५ होर्मुज संकट से कच्चे मई से पहले होने की आशका हे तेल बाजार को झटका सूत्रों के मुताबिक वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के चलते कच्चे में होर्मुज के आसपास असल तेल की कीमतों में भारी उछाल  पैदा हुए संकट ने वैश्विक कच्चे  आया है जिससे तेल कंपनियों तेल बाजार को झटका दिया पर बड़ा इकॉनमिक प्रेशर बन है॰ अंतरराष्द्रीय बाजार में  के अनुसार ऑयल  যমা E মুনী  कच्चे तेल की कीमत करीब मार्केटिंग कंपनियों को हर महीने ७० डॉलर प्रति बेरल से बढ़कर  करीब ३० हजार करोड़ रूपये की १२६ डॉलर प्रति बेरल तक अंडर  रिकवरी का सामना करना পভবন ক বানলুন aামন নী पड़ रहा है अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों  कच्चे तेल की कीमत ७० डॉलर में अब तक कोई बड़ी बढ़ोतरी  प्रति बेरल से बढ़कर १२६ डॉलर नहीं हुई है॰ 0 प्रति बैरल तक पहुंच गई है. इसके  आम लोगों पर महंगाई का असर बावजूद भारत में अब तक पेट्रोल  कम पडे़. हालांकि लगाताट बढ़ते  ओर डीजल की कीगतों को स्थिर रखा गया है. बताया जा रहा है दबाव के बीच अब पेट्रोल आर डीजल के दाम बढ़ाने पर विचार कि सरकार ओर तेल कंपनियां किया जा रहा हे मिलकर पेट्रोल पर करीब cal का कहना ह कि १५ मई से पहले कीमतों गें २४ रुपये प्रति लीटर तक का अतिरिक्त बोझ उठा रही हें ताकि  संशोधन किया जा सकता है - ShareChat