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#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - केवल कर्म ही अपना सीता के रखवाले राम थे, जब हरण हुआ तब कोई नहीं द्रोपदी के पांच पांडव थे, जब चीरहरण हुआ तब कोई नहीं दशरथ के चार थे, जब प्राण तजे तब कोई नहीं दुलारे रावण भी शक्तिशाली थे॰ जब लंका जली तब कोई नहीं अभिमन्यु राजदुलारे थे पर चक्रव्यूह में कोई नहीं सच यही है दुनियावालों , संसार में अपना कोई नहीं जो लेख लिखे हैं कर्मों ने, उस लेख के आगे कोई नहीं केवल कर्म ही अपना सीता के रखवाले राम थे, जब हरण हुआ तब कोई नहीं द्रोपदी के पांच पांडव थे, जब चीरहरण हुआ तब कोई नहीं दशरथ के चार थे, जब प्राण तजे तब कोई नहीं दुलारे रावण भी शक्तिशाली थे॰ जब लंका जली तब कोई नहीं अभिमन्यु राजदुलारे थे पर चक्रव्यूह में कोई नहीं सच यही है दुनियावालों , संसार में अपना कोई नहीं जो लेख लिखे हैं कर्मों ने, उस लेख के आगे कोई नहीं - ShareChat