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#मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी
मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी - ShareChat @HEEN@ नहीं है शिकवा किसी की बेरूख़ी पे, মালিন থাযন ৪ম ৪ী ন থ दिलों में बसने के क़ाबिल. ShareChat @HEEN@ नहीं है शिकवा किसी की बेरूख़ी पे, মালিন থাযন ৪ম ৪ী ন থ दिलों में बसने के क़ाबिल. - ShareChat