sn vyas
#राधा #राधे-राधे #जय श्री राधे #जय श्री राधे कृष्णा
प्रिय पिय पावसऋतु अभिराम।
दामिनि सी श्रीश्यामा स्वामिनि,
घन सम श्रीघनश्याम॥
बरसत रूप रसामृत स्वाती,
श्रीवृन्दावन धाम।
सरस माधुरी सखी पपैया,
पोषत आठों जाम॥
आयो आली घुमड मेघ घनश्याम।
बिजुरी चमक पीत पट मानों,
शोभित है अभिराम॥
कोयल कूक बजत बंशी ज्यों,
बक मुक्ता गलदाम।
पचरङ्ग धनुष काछनी जैसे,
धुरवा पटका नाम॥
भरी की रूप रस बरसावत,
देत सबन आराम।
सरस माधुरी घिर घिर आवत,
टरत न आठों जाम॥
...