ShareChat
click to see wallet page
search
#जीवन की सच्ची बातें
जीवन की सच्ची बातें - इंसान की ज़िंदगी तो इस क़दर मुख्तसर हैं मोहब्बत का हक़ भी अदा नहीं कर কা सकता , ना जाने लोग नफ़रत केलिए वक़्त कहा से 7 77 ..!! बड़े ही खुशनुमा वहम थे /7 की हम उनकी जिंदगी में अहम थे । সান   @gulza।.ek kitab इंसान की ज़िंदगी तो इस क़दर मुख्तसर हैं मोहब्बत का हक़ भी अदा नहीं कर কা सकता , ना जाने लोग नफ़रत केलिए वक़्त कहा से 7 77 ..!! बड़े ही खुशनुमा वहम थे /7 की हम उनकी जिंदगी में अहम थे । সান   @gulza।.ek kitab - ShareChat