ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - आंखों के किनारे हमने भिगोये नहीं... ! और वो समझे हम रोये नहीं.. [ उन्होंने पूछा आज किसको देखा ख्वाब में, कैसे बताये कि एक अरसे से हम सोये नहीं...!! ख़ामोश शायर आंखों के किनारे हमने भिगोये नहीं... ! और वो समझे हम रोये नहीं.. [ उन्होंने पूछा आज किसको देखा ख्वाब में, कैसे बताये कि एक अरसे से हम सोये नहीं...!! ख़ामोश शायर - ShareChat