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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - मोह-माया वही जाल है, जिसमें इंसान हँसते हँसते खुद को खो देता है। मोह इतना मीठा होता है कि लगने लगती है। सच्चाई கsசி पीड़ा। मोह, उतनी ही गहरी जितना गहरा मोह में पडे़े इंसान को रास्ता दिखता है, मंजिल नहीं| मोह-माया से मुक्त होना ही असली सुकून की शुरुआत है। जिंदगी अनमोल है॰ मोह-माया वही जाल है, जिसमें इंसान हँसते हँसते खुद को खो देता है। मोह इतना मीठा होता है कि लगने लगती है। सच्चाई கsசி पीड़ा। मोह, उतनी ही गहरी जितना गहरा मोह में पडे़े इंसान को रास्ता दिखता है, मंजिल नहीं| मोह-माया से मुक्त होना ही असली सुकून की शुरुआत है। जिंदगी अनमोल है॰ - ShareChat