देश के नेतृत्व,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के दौरान छात्रों को जीवन और शिक्षा के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण देते हुए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जिंदगी सिर्फ परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा हमारे जीवन को बेहतर बनाने और संवारने का एक सशक्त माध्यम है।
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भारत के प्रधान सेवक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने छात्रों को अपने भीतर के 'विद्यार्थी' को हमेशा जीवंत और जागरूक रखने की सलाह दी और इस बात पर जोर दिया कि बिना पूर्ण समर्पण (टोटल इन्वॉल्वमेंट) के आधी-अधूरी शिक्षा जीवन को सफल नहीं बना सकती। इसके साथ ही, बदलते दौर के कौशल विकास पर बात करते हुए उन्होंने गेमिंग को मात्र एक शौक नहीं बल्कि एक वास्तविक 'स्किल' (कौशल) बताया, जो एकाग्रता, गति (स्पीड) और मानसिक सजगता (अलर्टनेस) को बढ़ाकर युवाओं के व्यक्तिगत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
जय हिन्द
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#✍️ विचार
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