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#📕 કુરાન #🕋બેસ્ટ ઈસ્લામિક સ્ટેટ્સ☪️ #🤲ઈસ્લામિક ધર્મ🕌 #🎼ઈસ્લામિક ગીત🤲 #🕌ઈસ્લામિક પવિત્ર સ્થળ
📕 કુરાન - बीवी का ताल्लुक़ शोहर से उम्मूल मोमिनीन हज़रत आयशा सिद्दीक़ा ७२को मुख़ातिब करके रसूलुल्लाह ४ ने फ़रमायाः अए आयशाः मैं तुम्हारी नाराज़गी और ख़ुशी को पहचान लेता हूं | हज़रत आयशा ने अर्ज़ कियाः या रसूलुल्लाह! आप कैसे पहचान लेते है? ने फ़रमायाः जब तुम खुश होती हो तो कहती रसूलुल्लाह होः हां, मोहम्मद के रब की क़सम! और जब तुम किसी बात पर नाराज़ हो तो (फिर मेरा नाम नहीं लेती बल्कि ) कहती होः नहीं , इब्राहीम के रब की क़सम! हज़रत आयशा अर्ज़ ৬2ন कियाः जी हां! ऐसा ही है। मेरी नाराज़गी सिर्फ़ नाम ना लेने की हद तक होती है (जबकि मेरे दिल में वही मोहब्बत और ताल्लुक़ होता है, यानी दिल से नाराज़ कभी नहीं होती ) JerLgA (सहीह 5228) बुख़ारी Sarwar Anlam Khun' बीवी का ताल्लुक़ शोहर से उम्मूल मोमिनीन हज़रत आयशा सिद्दीक़ा ७२को मुख़ातिब करके रसूलुल्लाह ४ ने फ़रमायाः अए आयशाः मैं तुम्हारी नाराज़गी और ख़ुशी को पहचान लेता हूं | हज़रत आयशा ने अर्ज़ कियाः या रसूलुल्लाह! आप कैसे पहचान लेते है? ने फ़रमायाः जब तुम खुश होती हो तो कहती रसूलुल्लाह होः हां, मोहम्मद के रब की क़सम! और जब तुम किसी बात पर नाराज़ हो तो (फिर मेरा नाम नहीं लेती बल्कि ) कहती होः नहीं , इब्राहीम के रब की क़सम! हज़रत आयशा अर्ज़ ৬2ন कियाः जी हां! ऐसा ही है। मेरी नाराज़गी सिर्फ़ नाम ना लेने की हद तक होती है (जबकि मेरे दिल में वही मोहब्बत और ताल्लुक़ होता है, यानी दिल से नाराज़ कभी नहीं होती ) JerLgA (सहीह 5228) बुख़ारी Sarwar Anlam Khun' - ShareChat