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#☝ मेरे विचार #❤️जीवन की सीख
☝ मेरे विचार - जनाजा घरसे उठा नही की॰ लोग वसीयत पूछते है। हाथ मिलाने से पहले अब तो लोग हैसियत पूछते है। बूरे वक्त मे कोई अपना भी वास्ता नही रखता, अच्छे दिनों में बेगानें भी खैरियत पूछते है ! मगर रजनीश सिंह राजपूत की कलम . जनाजा घरसे उठा नही की॰ लोग वसीयत पूछते है। हाथ मिलाने से पहले अब तो लोग हैसियत पूछते है। बूरे वक्त मे कोई अपना भी वास्ता नही रखता, अच्छे दिनों में बेगानें भी खैरियत पूछते है ! मगर रजनीश सिंह राजपूत की कलम . - ShareChat