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#🥰प्रेम कविता📝 #💞इश्क-मोहब्बत शायरी🤩 #🖋शेरो-शायरी #📝कविता / शायरी/ चारोळी
🥰प्रेम कविता📝 - 66 जो मोहब्बत को पाने के लिए तरसे. उन्हें मोहब्बत कभी नसीब नहीं हुई. और ज्न्हिं बिना मॉगे मिल गई. उसकी कीमत 3-87 कभी समझी नहीं... अजीब है ना ये इश्क़... जिसे चाहो वो मिलती नहीं. और जो मिल जाए. उसकी कदर दिल से होती नहीं...* 66 जो मोहब्बत को पाने के लिए तरसे. उन्हें मोहब्बत कभी नसीब नहीं हुई. और ज्न्हिं बिना मॉगे मिल गई. उसकी कीमत 3-87 कभी समझी नहीं... अजीब है ना ये इश्क़... जिसे चाहो वो मिलती नहीं. और जो मिल जाए. उसकी कदर दिल से होती नहीं...* - ShareChat