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#astro #Astrology Solutions #🕵ASTRO TIPS #जोतिष शास्त्र
astro - १२ भावों में सूर्य ग्रह का महत्व आठवां भाव आयु, रहस्य और अचानक घटनाओं का भाव है। यहाँ सूर्य जीवन में उतार ्चढ़ाव ला सकता है। रिसर्च, ज्योतिष या गूढ़ विद्या में रुचि बढ सकती है। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। नौवां भाव नौवे भाव में भाग्य, धर्म और गुरु का भाव है। व्यक्ति धार्मिक, सिद्धांतवादी और भाग्यशाली होता है। पिता से सहयोग मिलता है और जीवन में सम्मान बढ़ता है। दसवां भाव कर्म और करियर का सबसे महत्वपूर्ण भाव है। यहां सूर्य बहुत शुभ माना जाता है। प्रशासन , राजनीति, सरकारी सेवा या उच्च पद मिलने के प्रबल योग बनते हैं। समाज में मानप्रतिष्ठा मिलती है। ग्यारहवां भाव लाभ और आय का भाव है। व्यक्ति को उच्च पद वाले मित्र मिलते हैं और आय के अच्छे स्रोत बनते हैं। इच्छाओं की पूर्ति के योग रहते हैं। बारहवां भाव बारहवें भाव में खर्च, विदेश और आध्यात्म का भाव है। यहां सूर्य विदेश से लाभ दे सकता है या व्यक्ति को अध्यात्म की ओर झुका सकता है। खर्च अधिक हो सकता है और आंखों या नींद से संबंधित समस्या संभव है। १२ भावों में सूर्य ग्रह का महत्व आठवां भाव आयु, रहस्य और अचानक घटनाओं का भाव है। यहाँ सूर्य जीवन में उतार ्चढ़ाव ला सकता है। रिसर्च, ज्योतिष या गूढ़ विद्या में रुचि बढ सकती है। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। नौवां भाव नौवे भाव में भाग्य, धर्म और गुरु का भाव है। व्यक्ति धार्मिक, सिद्धांतवादी और भाग्यशाली होता है। पिता से सहयोग मिलता है और जीवन में सम्मान बढ़ता है। दसवां भाव कर्म और करियर का सबसे महत्वपूर्ण भाव है। यहां सूर्य बहुत शुभ माना जाता है। प्रशासन , राजनीति, सरकारी सेवा या उच्च पद मिलने के प्रबल योग बनते हैं। समाज में मानप्रतिष्ठा मिलती है। ग्यारहवां भाव लाभ और आय का भाव है। व्यक्ति को उच्च पद वाले मित्र मिलते हैं और आय के अच्छे स्रोत बनते हैं। इच्छाओं की पूर्ति के योग रहते हैं। बारहवां भाव बारहवें भाव में खर्च, विदेश और आध्यात्म का भाव है। यहां सूर्य विदेश से लाभ दे सकता है या व्यक्ति को अध्यात्म की ओर झुका सकता है। खर्च अधिक हो सकता है और आंखों या नींद से संबंधित समस्या संभव है। - ShareChat