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#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #✡️सितारों की चाल🌠
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - कुंडली में देर से भाग्य उदय के योग १. जब शनि का प्रभाव लग्न , दशम या भाग्य भाव पर हो, तो व्यक्ति को सफलता देर से मिलती है, लेकिन मेहनत का फल स्थायी होता है। २. अगर लग्न्नेश छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो, तो जीवन की शुरुआत में संघर्ष ज्यादा रहता है, पर समय के साथ भाग्य खुलता है। ३. जब दशम भाव या उसके स्वामी पर शनि की दृष्टि हो, तो करियर में शुरुआत धीमी रहती है, लेकिन ३० ३५ के बाद स्थिर सफलता मिलती है। ४. शनि या राहु की महादशा के बाद आने वाली शुभ दशा कई लोगों के जीवन में अचानक उन्न्नति ला सकती है। कुंडली में देर से भाग्य उदय के योग १. जब शनि का प्रभाव लग्न , दशम या भाग्य भाव पर हो, तो व्यक्ति को सफलता देर से मिलती है, लेकिन मेहनत का फल स्थायी होता है। २. अगर लग्न्नेश छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो, तो जीवन की शुरुआत में संघर्ष ज्यादा रहता है, पर समय के साथ भाग्य खुलता है। ३. जब दशम भाव या उसके स्वामी पर शनि की दृष्टि हो, तो करियर में शुरुआत धीमी रहती है, लेकिन ३० ३५ के बाद स्थिर सफलता मिलती है। ४. शनि या राहु की महादशा के बाद आने वाली शुभ दशा कई लोगों के जीवन में अचानक उन्न्नति ला सकती है। - ShareChat