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#❤️शुभकामना सन्देश 🚩सीता जयंती 🚩सीता नवमी 🚩🙏🏿 #🙏गुरु महिमा😇
❤️शुभकामना सन्देश - राजा जनक और माता सीता आदर्श पिता-पुत्री , प्रेम और आदर्श संस्कार आदर्श  राजा जनक मिथिला के राजा जनक एक महान ज्ञानी , न्यायप्रिय और धर्मात्मा शासक थे। वे विद्धानों के संरक्षक और धर्म के पालनकर्ता थे। उन्हें * विदेह भी कहा जाता है, क्योंकि वे मोह-माया से ररहित और आत्मज्ञानी थे। वे सत्य. ज्ञान और न्याय क माग पर चलने वाल आदश राजा थे। মানা মীনা जनक की पुत्री सीता जी धरती से उत्पन्ज्ञ हुई, -UII इसलिए उन्हें भूमिजा " कहा जाता है। a ufaHdT, నాTా; శీల; करुणा और नारी शक्ति की प्रतीक ह श्रीराम से हुआ था।  उनका विवाह भगवान उन्होंने अपने जीवन से धर्म. मर्यादा और कर्तव्य का पालन किया। पिता-पुत्री का आदर्श संबंध शिक्षा " राजा जनक ने सीता जी को उच्च संस्कार, और सीता की पवित्रता और जनक की ज्ञानमयी दृष्टि धर्म का ज्ञान दिया। सीता जी ने अपने जीवन से उन दोनों मिलकर भारतीय संस्कूति की अमूल्य निचि हं। सिद्ध किया और पूरे विश्व के लिए आदर्श बर्नी ।  Tన धर्म , ज्ञान , त्याग और प्रेम - यही है जनक सीता की अमर पहचान | C~Oxo33 राजा जनक और माता सीता आदर्श पिता-पुत्री , प्रेम और आदर्श संस्कार आदर्श  राजा जनक मिथिला के राजा जनक एक महान ज्ञानी , न्यायप्रिय और धर्मात्मा शासक थे। वे विद्धानों के संरक्षक और धर्म के पालनकर्ता थे। उन्हें * विदेह भी कहा जाता है, क्योंकि वे मोह-माया से ररहित और आत्मज्ञानी थे। वे सत्य. ज्ञान और न्याय क माग पर चलने वाल आदश राजा थे। মানা মীনা जनक की पुत्री सीता जी धरती से उत्पन्ज्ञ हुई, -UII इसलिए उन्हें भूमिजा " कहा जाता है। a ufaHdT, నాTా; శీల; करुणा और नारी शक्ति की प्रतीक ह श्रीराम से हुआ था।  उनका विवाह भगवान उन्होंने अपने जीवन से धर्म. मर्यादा और कर्तव्य का पालन किया। पिता-पुत्री का आदर्श संबंध शिक्षा " राजा जनक ने सीता जी को उच्च संस्कार, और सीता की पवित्रता और जनक की ज्ञानमयी दृष्टि धर्म का ज्ञान दिया। सीता जी ने अपने जीवन से उन दोनों मिलकर भारतीय संस्कूति की अमूल्य निचि हं। सिद्ध किया और पूरे विश्व के लिए आदर्श बर्नी ।  Tన धर्म , ज्ञान , त्याग और प्रेम - यही है जनक सीता की अमर पहचान | C~Oxo33 - ShareChat