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#❤️जीवन की सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈 #🙏 प्रेरणादायक विचार #☝अनमोल ज्ञान #☝आज का ज्ञान
❤️जीवन की सीख - की हार्दिक शुभकामनाए पूर्णिम 9 दुनियाँ भाग रही थी,अंधी होकर अज्ञान, मे अंधकार मे fagl अहंकार मे,कुछ पाने के कोई पैसे का,कोई राज्य का, कोई पद प्रतिष्ठा का, पहचान आदि के लोभी! कोई झूठी फिर भी दुखी! लिया, लेकिन एक व्यक्ति ने बैठकर सब समझ कि दुःख की जड़ अज्ञान, बेहोशी अंधी इच्छाएं कामनाएं ओर अंधे स्वार्थ शूद्र अहंकार कर्मकांड और अंधभक्ति बिना जाने समझे, किसी भी दिशा मे बेहोशी मे दौड़ लगाना ही दुःखो का कारण है। वो थे गौतम बुद्ध। कौ समझौ अँधै स्वार्थ त्यागौ बैहौशी हृयाऔ, 4 करुणाा खखो और जापरूक होकर जियौ। की हार्दिक शुभकामनाए पूर्णिम 9 दुनियाँ भाग रही थी,अंधी होकर अज्ञान, मे अंधकार मे fagl अहंकार मे,कुछ पाने के कोई पैसे का,कोई राज्य का, कोई पद प्रतिष्ठा का, पहचान आदि के लोभी! कोई झूठी फिर भी दुखी! लिया, लेकिन एक व्यक्ति ने बैठकर सब समझ कि दुःख की जड़ अज्ञान, बेहोशी अंधी इच्छाएं कामनाएं ओर अंधे स्वार्थ शूद्र अहंकार कर्मकांड और अंधभक्ति बिना जाने समझे, किसी भी दिशा मे बेहोशी मे दौड़ लगाना ही दुःखो का कारण है। वो थे गौतम बुद्ध। कौ समझौ अँधै स्वार्थ त्यागौ बैहौशी हृयाऔ, 4 करुणाा खखो और जापरूक होकर जियौ। - ShareChat