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#ओड चुनर मेतो गई रे सतसंग me Bajan
ओड चुनर मेतो गई रे सतसंग me Bajan - ओढ  ব্রুনয ম নী, মন্ত ২ মন্সম ম | Harful_rebari 06 ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में। साँवरियो भिगोई म्हाने , गहरा गहरा रंग में। सोच रही मन में, समझ रही दिल में। थारो मारो न्याय, होवेला सत्संग में | ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में । धमाल संगीत सत री संगत में , गुरु जी विराजे। कर कर दर्शन , होई रे मगन मैं। ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में। टेर। सत री संगत में , सहेलिया विराजे । गाई गाई हरी गुण, होई रे मगन मैं। ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में। टेर। त री संगत में , ज्योति जगत है। कर कर दर्शन, होई रे मगन मैं। ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में। टेर। सत री संगत में, राम रस बरसे। पी पी राम रस॰ होई रे मगन में। ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में । टेर। सत री संगत में, साज बजत है। गाई गाई हरी गुण, होई रे मगन मैं। ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में। टेर। बाई मीरा गावे, प्रभु गिरधर नागर भवजल पार करोनी, पल छीन मैं । ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में। ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में। साँवरियो भिगोई म्हाने , गहरा गहरा रंग में। सोच रही मन में, समझ रही दिल में। थारो मारो न्याय, होवेला सत्संग में । ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में। ओढ  ব্রুনয ম নী, মন্ত ২ মন্সম ম | Harful_rebari 06 ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में। साँवरियो भिगोई म्हाने , गहरा गहरा रंग में। सोच रही मन में, समझ रही दिल में। थारो मारो न्याय, होवेला सत्संग में | ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में । धमाल संगीत सत री संगत में , गुरु जी विराजे। कर कर दर्शन , होई रे मगन मैं। ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में। टेर। सत री संगत में , सहेलिया विराजे । गाई गाई हरी गुण, होई रे मगन मैं। ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में। टेर। त री संगत में , ज्योति जगत है। कर कर दर्शन, होई रे मगन मैं। ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में। टेर। सत री संगत में, राम रस बरसे। पी पी राम रस॰ होई रे मगन में। ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में । टेर। सत री संगत में, साज बजत है। गाई गाई हरी गुण, होई रे मगन मैं। ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में। टेर। बाई मीरा गावे, प्रभु गिरधर नागर भवजल पार करोनी, पल छीन मैं । ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में। ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में। साँवरियो भिगोई म्हाने , गहरा गहरा रंग में। सोच रही मन में, समझ रही दिल में। थारो मारो न्याय, होवेला सत्संग में । ओढ़ चुनर में तो, गई रे सत्संग में। - ShareChat