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CRAZY VIDEOS - Author on ShareChat
CRAZY VIDEOS
72K views • 25 days ago
#geeta #reallife ##Radha rani # jay shree Krishna # radhe radhe

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  • Rani chaurasiya,, - Author on ShareChat
    💞🌹Rani chaurasiya,, 🌹💞
    #गीता #गीता सार🙏
    गीता, गीता सार
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  • Rani chaurasiya,, - Author on ShareChat
    💞🌹Rani chaurasiya,, 🌹💞
    #गीता #गीता सार🙏
    गीता, गीता सार
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  • posts creator - Author on ShareChat
    🙏🙏❤️posts🌹🌹 creator ❤️🙏🙏
    #Geeta ka gyan 🙏🙏 #Geeta updesh Gyan #geeta
    हे मनुष्य... ! भले ही कुछ लिए समय के 11 झूठ का वृक्ष हरा दिखाई दे, पर उसमें फल अधिक दिनों तक नहीं टिकते, सत्य का वृक्ष धीरेनधीरे बढ़ता है, पर जब समय आता है तो वह ऐसे फल देता है जो युगों নকধ মম্সান और शांति टेते डैं।" rjg} <g & हे मनुष्य... ! भले ही कुछ लिए समय के 11 झूठ का वृक्ष हरा दिखाई दे, पर उसमें फल अधिक दिनों तक नहीं टिकते, सत्य का वृक्ष धीरेनधीरे बढ़ता है, पर जब समय आता है तो वह ऐसे फल देता है जो युगों নকধ মম্সান और शांति टेते डैं।" rjg} <g &
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  • posts creator - Author on ShareChat
    🙏🙏❤️posts🌹🌹 creator ❤️🙏🙏
    #geeta
    கீசqுயுs इतना भारी और भयंकर होता है कि हमारा जमा हुआ पुण्य कब खत्म हो जाए 8 पता भी नहीं चलता, होने पर समर्थ राजा को भी पुण्य खत्म भीख मांगनी पड़ती है इसीलिए 9 कभी किसी के साथ छल कपट करके किसी की आत्मा को ಕಿ ना करें दुखी Narendra Uike page| Cangani ೩ கீசqுயுs इतना भारी और भयंकर होता है कि हमारा जमा हुआ पुण्य कब खत्म हो जाए 8 पता भी नहीं चलता, होने पर समर्थ राजा को भी पुण्य खत्म भीख मांगनी पड़ती है इसीलिए 9 कभी किसी के साथ छल कपट करके किसी की आत्मा को ಕಿ ना करें दुखी Narendra Uike page| Cangani ೩
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  • @_official_jai_rohilla - Author on ShareChat
    @_official_jai_rohilla
    #geeta #geeta gyan #Geeta updesh Gyan #Geeta ka gyan 🙏🙏 #geeta ka gyan sun ke to deko😀😀😁😂😂😃😄😅😆😉😊😋😎😍😘😗☺😙😚🙂🤗😐🤔😶🙄😑😥😏😣😮
    geeta, geeta gyan
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  • ALOK KUMAR SHARMA - Author on ShareChat
    ALOK KUMAR SHARMA
    #geeta
    geeta
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  • ALOK KUMAR SHARMA - Author on ShareChat
    ALOK KUMAR SHARMA
    #geeta
    geeta
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    13
  • Vasudhaiva Satsang - Author on ShareChat
    Vasudhaiva Satsang
    Hare Krishna🙏 🌻Jai Bharat, Jai Sanatan Follow & Share if you like it. #satsang #geeta #govinda #kanha #harekrishna @VEDICSADHANA  #satsang #गीता #krishna #hare krishna
    Hare Krishna
Jai Bharat, Jai Sanatan
Follow & Share if you like it., satsang
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    21
  • Kajal - Author on ShareChat
    Kajal
    #🌞 Good Morning🌞 #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #gyan ki baat #gyan ki baat #geeta gyan
    Good Morning, शुभकामनाएं वीडियो
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  • MUKESH Nagar - Author on ShareChat
    MUKESH Nagar
    #गीता #🙏गीता ज्ञान🛕 #❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏 प्रेरणादायक विचार
    श्रीमद्धगवद्गीता ' आनन्दचिद्घन, पडैश्वर्यपूर्ण चराचरवन्दित   परमपुरुपोत्तम  भगवान মাঙ্ান  श्रीकृष्णकी दिव्य वाणी है।यह अनन्त रहस्योंसे எரீ है | परम दयामय भगवान् श्रीकृष्णको कृपासे किसी अंशमें इसका रहस्य समझमें आ सकता  है।जो पुरुप परम श्रद्धा और प्रेममयी विशुद्ध भक्तिसे  अपने हृदयको भरकर भगवद्गीताका मनन करते हैँ, वे ही भगवत्कृपाका प्रत्यक्ष अनुभव करके गीताके  स्वरूपकी किसी अंशमें झाँकी कर सकते हैे । अतएव अपना कल्याण चाहनेवाले नर-नारियौंको उचित है कि वे भक्तवर अर्जुनको आदर्श मानकर अपनेमें अर्जुनके-से दैवी  अर्जन करते हुए श्रद्धा- गुणोंका भक्तिपूर्वक गोताका श्रवण मनन, अध्ययन करें एवं भगवानके आज्ञानुसार यथायोग्य तत्परताके साथ साधनमें लग जायँ।जो पुरुप इस प्रकार करते हैँ, उनके अन्तःकरणमें नित्य नये-्नये परमानन्ददायक अनुपम और दिव्य भावौंको स्फुरणाएँ होतो रहतो हैं तथा वे सर्वथा शुद्धान्तःकरण होकर भगवान्को अलौकिक कृपासुधाका रसास्वादन करते हुए शीघ्र हो भगवानूको प्राप्त हा जाते हेँ। हरिः ३ तत्सत् हरिः ३० तत्सत् हरिः ३० तत्सत् 4@| श्रीमद्भगवढ्गीता गीता प्रेस, गोरखपुर से साभार श्रीमद्धगवद्गीता ' आनन्दचिद्घन, पडैश्वर्यपूर्ण चराचरवन्दित   परमपुरुपोत्तम  भगवान মাঙ্ান  श्रीकृष्णकी दिव्य वाणी है।यह अनन्त रहस्योंसे எரீ है | परम दयामय भगवान् श्रीकृष्णको कृपासे किसी अंशमें इसका रहस्य समझमें आ सकता  है।जो पुरुप परम श्रद्धा और प्रेममयी विशुद्ध भक्तिसे  अपने हृदयको भरकर भगवद्गीताका मनन करते हैँ, वे ही भगवत्कृपाका प्रत्यक्ष अनुभव करके गीताके  स्वरूपकी किसी अंशमें झाँकी कर सकते हैे । अतएव अपना कल्याण चाहनेवाले नर-नारियौंको उचित है कि वे भक्तवर अर्जुनको आदर्श मानकर अपनेमें अर्जुनके-से दैवी  अर्जन करते हुए श्रद्धा- गुणोंका भक्तिपूर्वक गोताका श्रवण मनन, अध्ययन करें एवं भगवानके आज्ञानुसार यथायोग्य तत्परताके साथ साधनमें लग जायँ।जो पुरुप इस प्रकार करते हैँ, उनके अन्तःकरणमें नित्य नये-्नये परमानन्ददायक अनुपम और दिव्य भावौंको स्फुरणाएँ होतो रहतो हैं तथा वे सर्वथा शुद्धान्तःकरण होकर भगवान्को अलौकिक कृपासुधाका रसास्वादन करते हुए शीघ्र हो भगवानूको प्राप्त हा जाते हेँ। हरिः ३ तत्सत् हरिः ३० तत्सत् हरिः ३० तत्सत् 4@| श्रीमद्भगवढ्गीता गीता प्रेस, गोरखपुर से साभार
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