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#📝कविता / शायरी/ चारोळी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - सुनो साहिबा तेरी एक मुस्कान से हि. खिल जाती है तबियत मेरी पूरे शहर मे तुम सा. २४ डॉक्टर नहीं ह्रै कोई... ! ! सुनो साहिबा तेरी एक मुस्कान से हि. खिल जाती है तबियत मेरी पूरे शहर मे तुम सा. २४ डॉक्टर नहीं ह्रै कोई... ! ! - ShareChat