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#✍️ अनसुनी शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - tnkovinviritort हाथों से छीनकर ले जाएं कोई तो अफ़सोस ना करना , तक़दीर का लिखा कितने हाथों से होकर वापस आता हैं ! tnkovinviritort हाथों से छीनकर ले जाएं कोई तो अफ़सोस ना करना , तक़दीर का लिखा कितने हाथों से होकर वापस आता हैं ! - ShareChat