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#शुभ संध्या ☕☕
शुभ संध्या ☕☕ - दिब्बी तो दोनों के पास है, बस अंदर का माल अलग है ! की युवा पीढ़ी पहले की पीढ़ी आज जेब में रखते ही जेब में रखते ही लगता है महंगे लोग हैं असली रौब आता था ही खुलते ही खुलते दुनिया से कट पूरे कमरे में जाते हैं खुशबू फैल जाती थी (Noise (तंबाकू वाली) Cancellation) VS दोस्त नहीं पूछते, सीधे मांग लेते हैं दोस्त पूछते थे "एक कान "काका, जरा में लगा दूँ ?" ননা चुटकी मूड बनाना , दुनिया से कटना, मूड बनाना , बातें जमाना , কাম काम और जिंदगी के तजुर्बे बांटना और गाने में खो जाना अब स्टाइल अलग है तब स्टाइल अलग था दिब्बी तो दोनों के पास है, बस अंदर का माल अलग है ! की युवा पीढ़ी पहले की पीढ़ी आज जेब में रखते ही जेब में रखते ही लगता है महंगे लोग हैं असली रौब आता था ही खुलते ही खुलते दुनिया से कट पूरे कमरे में जाते हैं खुशबू फैल जाती थी (Noise (तंबाकू वाली) Cancellation) VS दोस्त नहीं पूछते, सीधे मांग लेते हैं दोस्त पूछते थे "एक कान "काका, जरा में लगा दूँ ?" ননা चुटकी मूड बनाना , दुनिया से कटना, मूड बनाना , बातें जमाना , কাম काम और जिंदगी के तजुर्बे बांटना और गाने में खो जाना अब स्टाइल अलग है तब स्टाइल अलग था - ShareChat