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#❤️जीवन के सीख #😊आज के सुविचार👌 #✨हमार विचार #✍️ जीवन में बदलाव #🙏 सम्मान सर्वोपरि
❤️जीवन के सीख - एपिक्टेटसः गुलाम होकर भी एपिक्टेटस का सिद्धांत महान दार्शनिॅक कैसे बने? हमारे साथ क्या होता है, यह उतना महत्वपूर्ण नहीं है; महत्वपूर्ण यह है कि हम उस पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं । गरीब परिवार में जन्म   (लगभग ५० ईस्बी) , बचपन में गुलाम बनाकर रोम ले जाया गया। नियंत्रग में নিযন্ণ মী বামং हमारे हमारे दूसरों की राय हमारे विचार हमारे निर्णय धन, प्रसिद्धि मौसम , भाग्य हमारा चरित्र आजादी मिलने के बाद दर्शन और ज्ञान दुनिया के महान गुलामी और  সনিক্কিয়াৎ बाहरी घटनाऐं எரி कठिन जीवन शिक्षा देना शुरू किया दार्शनिक का अध्ययन यदि कोई तुम्हारी संपत्ति छीन ले, उनका मानना था कि सच्ची स्वतंत्रता तो यह बड़ी बात नहीं है। बाहर नहीं , बल्कि मन के भीतर होती है। - लेकिन यदि कोई तुम्हारा चरित्र और The छीन ले, तब तुम्हें (  সানসে-মম্সান The सच में चिंतित होना चाहिए। Discourses Enchiridion एपिक्टेटस सच्ची आज़ादी क्या है? जीवन से सीख कदिन परिस्थितियों हम परिस्थितियों को अपने विचारों और धन और शक्ति अस्थायी हैं मन पर नियंत्रग? থাকি? इंसान को तोड़ती नर्ही, नर्ही चुन सकते , लेकिन चरित्र पर नियंत्रग ही मान सम्मान ओर शाति अपनी प्रतिक़्रिया चुन सकते हैं। मजवूत बनाती हे। सच्ची आज़ादी ह। स्थायी है।। एपिक्टेटसः गुलाम होकर भी एपिक्टेटस का सिद्धांत महान दार्शनिॅक कैसे बने? हमारे साथ क्या होता है, यह उतना महत्वपूर्ण नहीं है; महत्वपूर्ण यह है कि हम उस पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं । गरीब परिवार में जन्म   (लगभग ५० ईस्बी) , बचपन में गुलाम बनाकर रोम ले जाया गया। नियंत्रग में নিযন্ণ মী বামং हमारे हमारे दूसरों की राय हमारे विचार हमारे निर्णय धन, प्रसिद्धि मौसम , भाग्य हमारा चरित्र आजादी मिलने के बाद दर्शन और ज्ञान दुनिया के महान गुलामी और  সনিক্কিয়াৎ बाहरी घटनाऐं எரி कठिन जीवन शिक्षा देना शुरू किया दार्शनिक का अध्ययन यदि कोई तुम्हारी संपत्ति छीन ले, उनका मानना था कि सच्ची स्वतंत्रता तो यह बड़ी बात नहीं है। बाहर नहीं , बल्कि मन के भीतर होती है। - लेकिन यदि कोई तुम्हारा चरित्र और The छीन ले, तब तुम्हें (  সানসে-মম্সান The सच में चिंतित होना चाहिए। Discourses Enchiridion एपिक्टेटस सच्ची आज़ादी क्या है? जीवन से सीख कदिन परिस्थितियों हम परिस्थितियों को अपने विचारों और धन और शक्ति अस्थायी हैं मन पर नियंत्रग? থাকি? इंसान को तोड़ती नर्ही, नर्ही चुन सकते , लेकिन चरित्र पर नियंत्रग ही मान सम्मान ओर शाति अपनी प्रतिक़्रिया चुन सकते हैं। मजवूत बनाती हे। सच्ची आज़ादी ह। स्थायी है।। - ShareChat